एक श्लोकी रामायण
एक श्लोक रामायण महर्षि वाल्मिकी जी की रामायण में एक श्लोक का उल्लेख है जिसमें सम्पूर्ण रामायण समाहित है जिसको नित्य करने से सम्पूर्ण रामायण करने जितना ही फल प्राप्त होता है|
आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।
वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।
बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।
पश्चाद्रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।
जय श्री सीता राम
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